नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मंत्री करण सिंह वर्मा पर साधा निशाना, बोले- पति को जेल भेजने का फरमान कौन सा न्याय

सीहोर। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के जनविश्वास कार्यक्रम के दौरान एक अजीब और विवादित वाकया सामने आया है। गांव की शराब दुकान बंद कराने की गुहार लेकर पहुंची एक महिला को मंत्री द्वारा कथित तौर पर खरी-खोटी सुनाए जाने और उसके पति पर कार्रवाई के निर्देश देने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस घटना को लेकर प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य सरकार और मंत्री पर तीखा हमला बोला है।
बता दें इछावर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम महोडिया में आयोजित राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के जनविश्वास कार्यक्रम के दौरान एक महिला अपनी और गांव की महिलाओं की पीड़ा लेकर पहुंची थी। महिला की मांग थी कि उसके गांव में चल रही शराब की दुकान को तुरंत बंद कराया जाए, क्योंकि इससे परिवारों का माहौल खराब हो रहा है।
लेकिन आरोप है कि मंत्री जी ने शराब की इस समस्या का कोई समाधान करने या महिला की बात सुनने के बजाय, उल्टे पुलिस को महिला के पति के खिलाफ कार्रवाई करने और उसे जेल भेजने का फरमान सुना दिया। इसके बाद उस महिला को कार्यक्रम स्थल से बाहर भी करवा दिया गया। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने साधा निशाना
इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ा रुख अपनाते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट कर सरकार और मंत्री करण सिंह वर्मा को आड़े हाथों लिया है।
उन्होंने अपने ट्वीट में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को घेरते हुए लिखा महिला शराब दुकान बंद कराने की गुहार लेकर पहुंची थीं, लेकिन मंत्री ने पति को जेल भेजने का फरमान सुना दिया। मुख्यमंत्री जी, जब महिलाएं शराब के दुष्परिणामों से परेशान होकर सरकार के दरवाजे पर पहुंच रही हैं तो पति को जेल और महिला को कार्यक्रम से बाहर करना कहां का न्याय है, आखिर क्यों सरकार और मंत्री जवाबदेही से बच रहे हैं।



