भोपाल में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की एंट्री…

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शुक्रवार को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने अपनी औपचारिक एंट्री दर्ज करा दी है। सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे युवा कार्यकर्ता मयंक ने नीट पेपर लीक, नर्सिंग घोटाला और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी से प्रभावित छात्र-छात्राओं के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
मयंक ने कहा कि सीजेपी केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि युवाओं का एक आंदोलन है। यह किसी व्यक्ति विशेष के विरोध में नहीं, बल्कि उस लचर सिस्टम के खिलाफ आवाज है जिसने 22 लाख नीट परीक्षार्थियों सहित देश के करोड़ों युवाओं का भरोसा तोड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब युवा पेपर लीक पर सवाल उठाते हैं तो उनकी आवाज दबाने और सोशल मीडिया अकाउंट्स बैन करने की कोशिश होती है।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से हुआ पार्टी का जन्म
गौरतलब है कि 15 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने एक सुनवाई के दौरान कुछ एक्टिविस्ट युवाओं की तुलना कॉकरोच से की थी। इस टिप्पणी के विरोध में अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे डिजिटल मीडिया स्ट्रैटजिस्ट अभिजीत दीपके ने कॉकरोच जनता पार्टी नाम से इस डिजिटल आंदोलन की शुरुआत की।
मैनिफेस्टो में किए 5 बड़े वादे
1. सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीशों को राज्यसभा भेजने जैसी इनाम वाली राजनीति का खात्मा।
2. महिलाओं को संसद और कैबिनेट में 50 फीसदी आरक्षण।
3. वोट डिलीट करने पर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ यूएपीए के तहत कार्रवाई।
4. दलबदल करने वाले सांसदों-विधायकों के चुनाव लडऩे पर आजीवन रोक और 20 साल तक किसी भी सरकारी पद पर बैठने पाबंदी।
5. बड़े उद्योगपति समूहों से जुड़े मीडिया संस्थानों के लाइसेंस रद्द करना।
पार्टी ने मजाकिया अंदाज में सदस्यता के लिए बेरोजगार आलसी और ऑनलाइन शिकायत करने में माहिर होने जैसी अनोखी योग्यताएं रखी हैं। मयंक ने बताया कि जल्द ही मध्य प्रदेश की कोर कमेटी की घोषणा की जाएगी और उचित समय आने पर चुनाव लडऩे का फैसला भी लिया जाएगा।



