एमपी कैबिनेट के बड़े फैसले: विकास और जन कल्याण के लिए 30,055 करोड़ की मंजूरी

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में मध्य प्रदेश के विकास और जन कल्याण को रफ्तार देने के लिए 30 हजार 55 करोड़ रुपये के महाबजट को मंजूरी दे दी गई है. इसके साथ ही सरकार ने कर्मचारियों की नई स्थानांतरण नीति-2026 पर भी मुहर लगा दी है, जिससे अब प्रदेश में 1 जून से 15 जून तक तबादले हो सकेंगे.
मंत्रिपरिषद की बैठक में समाज के हर वर्ग के लिए खजाना खोल दिया गया है. किसानों के हक में बड़ा फैसला लेते हुए आगामी 5 वर्षों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 11 हजार 608 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं. अब हर पीडि़त किसान को न्यूनतम 1000 रुपये का बीमा क्लेम जरूर मिलेगा, जिसका अंतर राज्य सरकार खुद वहन करेगी. वहीं वृद्धजनों, दिव्यांगों और कल्याणी महिलाओं की पेंशन योजनाओं के लिए 15,184 करोड़ रुपये की भारी भरकम राशि को मंजूरी दी गई है.
ट्रांसफर पॉलिसी मंजूर: 1 से 15 जून तक हटबेगा प्रतिबंध, प्रभारी मंत्रियों के पास होंगे अधिकार.
पेंशन को संबल: बुजुर्गों, दिव्यांगों और विधवाओं की पेंशन के लिए 15,184.42 करोड़ पास.
हर घर जल: सिवनी और देवास की जल योजनाओं के लिए 593.24 करोड़ की पुनरीक्षित मंजूरी.
चाइल्ड हेल्पलाइन: संकटग्रस्त बच्चों के लिए 156 करोड़ मंजूर, 4 नए जिलों में खुलेगी चाइल्ड हेल्पलाइन.
सुशासन को रफ्तार: सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी के लिए 360 करोड़ स्वीकृत.
महिला और बाल सुरक्षा के लिए सरकार ने 156 करोड़ रुपये स्वीकृत कर नए जिलों निवाड़ी, मैहर, पांढुर्णा और मऊगंज में भी चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 का विस्तार करने का फैसला किया है. इसके अलावा सुशासन को बढ़ावा देने वाली सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा केंद्रों के संचालन के लिए 360 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है.



