पांच दिन बाद भी नहीं किया अंतिम संस्कार…

भोपाल। राजधानी के कटारा हिल्स इलाके में हुई रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा की मौत का मामला अब गरमाता जा रहा है। घटना के पांच दिन बाद भी न्याय न मिलने से नाराज मृतका के परिजन रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की मांग को लेकर सीधे मुख्यमंत्री निवास के मुख्य द्वार पर पहुंच गए। परिजन मुख्यमंत्री से खुद मिलकर अपनी व्यथा सुनाने की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान करीब एक घंटे तक सीएम हाउस के बाहर अफरा तफरी और तनाव का माहौल बना रहा। मौके पर पहुंचे भारी पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारियों ने परिजनों को समझाने का काफी प्रयास किया।
बता दें ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर मायके पक्ष के लोग सुबह मुख्यमंत्री निवास के मुख्य गेट पर जा खड़े हुए। उन्होंने वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों से मुख्यमंत्री से मिलवाने की गुहार लगाई। हालांकि सीएम हाउस के स्टाफ ने परिजनों से कहा कि वे अपनी समस्या लिखित में दे दें, जिसे मुख्यमंत्री तक पहुंचा दिया जाएगा और उचित कार्रवाई का आश्वासन भी दिया गया।
लेकिन भावुक और आक्रोशित परिजन मुख्यमंत्री से सीधे मिले बिना वहां से हटने को तैयार नहीं थे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए श्यामला हिल्स थाना पुलिस, टीआई और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को लगातार समझाइश दी और वैधानिक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
शरीर पर चोट के निशान
मूल रूप से नोएडा की रहने वाली ट्विशा शर्मा की शादी करीब एक साल पहले समर्थ सिंह से हुई थीए जो रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के बेटे हैं। ट्विशा का भाई हर्षित शर्मा भारतीय सेना में मेजर के पद पर तैनात है। 12 मई की रात कटारा हिल्स स्थित घर में ट्विशा का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला था।
घटना के पहले दिन से ही मायके पक्ष के लोग इसे आत्महत्या मानने से साफ इनकार कर रहे हैं। परिजनों का सीधा आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोग ट्विशा को दहेज के लिए लगातार प्रताडि़त कर रहे थे। उन्होंने बताया कि ट्विशा के शव के हाथ और कान पर चोट के गहरे नीले निशान मिले हैं, जो इस बात का इशारा करते हैं कि फंदे पर लटकाए जाने से पहले उसके साथ मारपीट की गई थी।
अंतिम संस्कार रोका
परिजनों का आरोप है कि यह आत्महत्या का मामला नहीं बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या है, जिसके बाद साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की गई और उन्हें मिटाने की कोशिश की गई। परिजनों ने भोपाल एम्स से मिली पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर भी पूरी तरह अविश्वास जताया है। उनका कहना है कि रसूख के चलते मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी आक्रोश और अविश्वास के चलते घटना के पांच दिन बीत जाने के बाद भी परिजनों ने मृतका ट्विशा के शव का अंतिम संस्कार नहीं किया है। परिवार का कहना है कि जब तक उन्हें निष्पक्ष जांच और मुख्यमंत्री से ठोस आश्वासन नहीं मिल जाताए वे पीछे नहीं हटेंगे। फिलहाल पुलिस मामले में मर्ग कायम कर जांच आगे बढ़ाने की बात कह रही है।



