सीएम डॉ. यादव का कांग्रेस पर हमला, कहा- श्हार का ठीकरा आयोग पर फोडऩा गलत

भोपाल। मतदाता सूची और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर जारी राजनीतिक बयानबाजी के बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार आमने-सामने आ गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर लगातार चुनावी हार का ठीकरा चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर फोडऩे का आरोप लगाते हुए पार्टी को आत्ममंथन करने की सलाह दी है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब कांग्रेस किसी राज्य में जीतती है तो चुनाव प्रक्रिया सही होती है, लेकिन हारने पर आयोग को कटघरे में खड़ा कर दिया जाता है। उन्होंने कहा, यदि चुनाव आयोग पर अविश्वास है तो हिमाचल प्रदेश और केरल में कांग्रेस की जीत का क्या अर्थ है।
डॉ. मोहन यादव ने राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश, बिहार, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में जनाधार खोने का कारण चुनाव आयोग नहीं, बल्कि कांग्रेस का कमजोर संगठन है। सीएम ने सलाह दी कि संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने के बजाय कांग्रेस को अपने संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं का विश्वास बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।
सिंघार का पलटवार और काला दिवस
मुख्यमंत्री के इस हमले पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को पहले जनादेश का मतलब समझना चाहिए। सिंघार ने मतदाता सूची में पारदर्शिता की मांग दोहराई और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे तथा ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की बात कही।
दिल्ली में विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में कांग्रेस द्वारा मनाए जा रहे काला दिवस के तहत उमंग सिंघार ने अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल फोटो भी बदल दी। हालांकि पूरे घटनाक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का यही संदेश प्रमुख रहा कि संवैधानिक व्यवस्थाओं का सम्मान करते हुए हार स्वीकार करना और आत्ममंथन करना ही लोकतंत्र का असली आधार है।



