सीएम हाउस घेरने जा रहे कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प, युवती ने कॉन्स्टेबल को जड़ा थप्पड़

भोपाल । राजधानी भोपाल में आदिवासी छात्रों के साथ अभद्रता के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे जयस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर हंगामा हुआ। सीएम हाउस का घेराव करने जा रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने प्रकाश तरुण पुष्कर के पास बैरिकेडिंग कर रोक दिया, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शन के दौरान जयस की एक युवती कार्यकर्ता ने पुलिस कॉन्स्टेबल को थप्पड़ जड़ दिया, वहीं महिला पुलिसकर्मियों के साथ भी झूमाझटकी हुई।
बता दें यह पूरा विवाद मिसरोद थाने के तत्कालीन टीआई रतन सिंह परिहार से जुड़ा है। घटना 13 अक्टूबर की है। आदिवासी छात्रों के एक प्रदर्शन के दौरान जय जोहार बोलने पर टीआई रतन सिंह परिहार पर अभद्र टिप्पणी करने और गाली-गलौज करने के गंभीर आरोप लगे थे। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आदिवासी संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संज्ञान लिया और 14 अक्टूबर को टीआई रतन सिंह परिहार को निलंबित कर दिया गया था। साथ ही पुलिस कमिश्नर ने विभागीय जांच के आदेश भी दिए थे।
जयस की मुख्य मांगें
जयस कार्यकर्ताओं का कहना है कि सिर्फ निलंबन की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। वे चाहते हैं कि आरोपी टीआई के खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की जाए। दोषी अधिकारी की सरकारी सेवा से बर्खास्तगी की जाए। इस मामले में जयस के राष्ट्रीय संरक्षक व विधायक डॉ. हीरालाल अलावा और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी टीआई के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग उठाई थी।
पुलिस और प्रशासन का पक्ष
एसीपी शैलेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि आदिवासी छात्रों के प्रदर्शन के दौरान भाषा के इस्तेमाल से जुड़े मामले में संज्ञान लेते हुए टीआई को पहले ही निलंबित किया जा चुका है और प्राथमिक जांच के आदेश दिए गए हैं। एसीपी ने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी तथ्य और निष्कर्ष सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प के संबंध में भी तथ्यों की जांच कर नियमों के तहत कदम उठाए जाएंगे।



