मनमानियों के आगे नतमस्तक सीहोर नपा प्रशासन…

सीहोर। शहर के विकास और नागरिकों की सुविधा के लिए बनाई जा रही सडक़ें अब आम जनता के लिए मुसीबत का कारण बनने लगी हैं। निर्माण एजेंसियों की मनमानी का आलम यह है कि शहर में बिना पुराना बेस हटाए और बिना समतलीकरण किए ही धड़ाधड़ सडक़ों का निर्माण कराया जा रहा है। नतीजा यह है कि सडक़ें पहाड़ की तरह ऊंची होती जा रही हैं और लोगों के घर व दुकानें नीचे धंसती नजर आ रही हैं।
युवा नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस विकास राठौर के प्रयासों से पहली बार मछली पुल से लेकर लुनिया चौराहा तक एक अच्छी और चौड़ी टू-लेन सडक़ का निर्माण कराया जा रहा था। इस प्रोजेक्ट से क्षेत्रवासियों को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन ठेकेदार की कार्यप्रणाली ने सारी खुशियों पर पानी फेर दिया। निर्माण एजेंसी ने सडक़ का पुराना बेस उखाड़े बिना ही उस पर डामरीकरण और निर्माण शुरू कर दिया। सडक़ इतनी ऊंची बन गई है कि आसपास के मकानों और दुकानों का स्तर सडक़ से काफी नीचे चला गया है।
नदी चौराहा से अटल चौक तक भी वही लापरवाही
मछली पुल ही नहीं, बल्कि अब नदी चौराहा से मनकामेश्वर मंदिर होते हुए अटल चौक तक बनाई जा रही सडक़ का भी यही हाल है। यहां भी पुरानी सडक़ पर बिना बेस तैयार किए ही नया निर्माण थोपा जा रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नपा के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर जाकर काम की गुणवत्ता और तकनीकी पहलुओं को जांचने तक की जहमत नहीं उठा रहे हैं।
ठेकेदार के आगे बेबस क्यों है नपा प्रशासन
सडक़ों की इस बदहाली और मनमाने निर्माण को देखकर अब शहर के लोग भी खुलकर बोलने लगे हैं। नागरिकों का कहना है कि जब जनता के पैसों से विकास कार्य हो रहे हैं तो तकनीकी नियमों की अनदेखी क्यों की जा रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या नगर पालिका प्रशासन निर्माण एजेंसियों की मनमानियों के आगे पूरी तरह नतमस्तक हो चुका है, जो ऐसे घटिया और अनियोजित निर्माण पर कोई रोक नहीं लगा पा रहा।



