करवा चौथ पर छलका दर्द, जॉइनिंग नहीं दे सकते तो जहर दे दो…

भोपाल। करवा चौथ के पावन पर्व पर एक तरफ जहां महिलाएं अपने पतियों की लंबी उम्र की दुआ मांग रही थीं, वहीं मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की सडक़ों पर महिला शिक्षक अभ्यर्थी अपने भविष्य को बचाने की गुहार लगाते हुए आंसू बहा रही थीं। प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 के मेरिट होल्डर अभ्यर्थियों ने नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर गुरुवार को भोपाल के व्यस्त बोर्ड ऑफिस चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान एक महिला अभ्यर्थी का दर्द छलक उठा, जिसने रोते हुए कहा अगर नियुक्ति नहीं देनी है तो हमें जहर दे दो। क्या हमें जीने का हक नहीं है।
अपनी मांगों को लेकर अड़े अभ्यर्थी सडक़ पर ही बैठ गए और सरकार का ध्यान खींचने के लिए थालियां बजाने लगे। इससे चौराहे पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की। जब अभ्यर्थी सडक़ पर लेट गए तो पुलिस ने उन्हें जबरन हटाने और हिरासत में लेने की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान महिला पुलिसकर्मियों और महिला अभ्यर्थियों के बीच तीखी झड़प और खींचतान देखने को मिली। पुलिस द्वारा महिलाओं को बस में बैठाने के लिए खींचने पर माहौल और गमगीन हो गया।
हिरासत में गूंजा राष्ट्रगान, महिलाओं का छलका दर्द
कार्रवाई के दौरान जब पुलिस ने अभ्यर्थियों को हिरासत में लेना शुरू किया तो विरोध जताने के लिए प्रदर्शनकारियों ने सडक़ पर बैठे-बैठे ही राष्ट्रगान गाना शुरू कर दिया। रोते हुए एक महिला अभ्यर्थी ने पुलिसकर्मियों से कहा आपको थोड़ी भी शर्म नहीं आ रही है, हमें ऐसे खींचकर ले जा रहे हैं। उस बेचारी दीदी का आज करवा चौथ का व्रत है। वहीं एक अन्य महिला ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि वे कई दिनों से सडक़ों पर हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
क्या है अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें
अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने बेहद मेहनत कर दो-दो परीक्षाएं पास की हैं और वे पिछले दो सालों से लगातार संघर्ष कर रहे हैं।
– अभ्यर्थियों का मुख्य विरोध भर्ती नियमों के क्लॉज 49 और डीएसएमडी या संबंधित डिग्री की शर्तों को लेकर है।
– अभ्यर्थियों ने दो टूक कह दिया है कि जब तक सरकार की ओर से नियुक्ति पत्र को लेकर कोई ठोस और सकारात्मक फैसला नहीं लिया जाता तब तक उनका यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा।



