राजनीति और प्रशासन का एकमात्र ध्येय सिर्फ जनकल्याण हो: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अनेकता में एकता ही हमारे देश की असली ताकत है। हम योग्यता का सम्मान करना जानते हैं, इसीलिए योग्यता के आधार पर सभी को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी का उद्धरण दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति और प्रशासन का एकमात्र ध्येय सिर्फ और सिर्फ जनकल्याण होना चाहिए। राजनीतिक जीवन में नैतिकता और शुचिता का पालन बेहद जरूरी है।
मुख्यमंत्री सोमवार को अटल बिहारी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में प्रदेश के विभिन्न निगम, मंडल, बोर्ड, आयोग और प्राधिकरणों के नवनियुक्त पदाधिकारियों के उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का शुभारंभ सीएम डॉ. यादव, प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह, वरिष्ठ विधायक हेमंत खंडेलवाल और संस्थान के उपाध्यक्ष प्रो. राजीव दीक्षित ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिया संबोधन
प्रशासनिक दक्षता और समन्वय: सीएम ने नवनियुक्त अध्यक्षों और उपाध्यक्षों को बधाई देते हुए कहा कि ईश्वर ने हमें जनसेवा का अवसर दिया है। सभी पदाधिकारी पूरी प्रशासनिक दक्षता, निष्ठा और सामंजस्य के साथ काम करें। आपके काम से ही समाज में सरकार की साख मजबूत होगी।
वित्तीय अनुशासन जरूरी: वित्तीय प्रबंधन को बड़ी चुनौती बताते हुए मुख्यमंत्री ने फिजूलखर्ची पर अंकुश लगाने और आत्मनिर्भरता की ओर बढऩे की बात कही। उन्होंने कहा कि नवाचारों के जरिए आय के नए स्रोत खड़े करें और मितव्ययिता से काम कर अपनी पहचान बनाएं।
डिजिटल गवर्नेंस का उपयोग: सुशासन के लिए तकनीक को बड़ा आधार बताते हुए सीएम ने निर्देश दिए कि सभी संस्थान डिजिटल प्रणाली, डेटा आधारित निर्णय और पारदर्शी व्यवस्था को अपनाएं।
कदाचार पर जीरो टॉलरेंस: सीएम ने कड़े शब्दों में कहा कि भ्रष्टाचार और कदाचार पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है। अपने संस्थानों में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त न करें। सोच-समझकर अपने सहयोगी रखें और अनावश्यक प्रचार से दूर रहें।
काम ऐसा हो जो मिसाल बने: मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि नशामुक्ति, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण और कुप्रथाओं के खिलाफ सक्रिय भूमिका निभाएं। भाषा में सौम्यता और निर्णय में दृढ़ता रखें, ताकि आपका कार्यकाल एक मिसाल बन सके।
राजनीति प्रोफेशन नहीं, बल्कि मिशन
कार्यक्रम में प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों के अनुरूप हम राजनीति को प्रोफेशन नहीं, बल्कि मिशन मानते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी पदाधिकारियों के कार्यों का निरंतर आकलन किया जाएगा। वहीं वरिष्ठ विधायक हेमंत खंडेलवाल ने भी सभी से अधिकारों का उपयोग जनहित में करने का आह्वान किया।



