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रिटायर्ड आईएएस के कातिल को पकडऩे पुलिस ने बेची सब्जियां…

भोपाल। रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की नृशंस हत्या के आरोपी केयरटेकर वरुण वाल्मीकि को भोपाल पुलिस ने एक फिल्मी अंदाज वाले अंडरकवर ऑपरेशन में गिरफ्तार कर लिया है। फरारी काट रहे कातिल तक पहुंचने के लिए भोपाल पुलिस के अधिकारियों को आगरा की तंग गलियों में सब्जी बेचना पड़ा और ऑटो-रिक्शा चलाना पड़ा। चार राज्यों की पुलिस को छकाने वाले आरोपी को आखिरकार आगरा के मथुरा रोड से गिरफ्तार कर लिया गया। मंगलवार सुबह आरोपी ने पुलिस कस्टडी से भागने का प्रयास किया, जिसके बाद हुई मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लग गई।
रातीबड़ पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें आरोपी की तलाश में ग्वालियर, दिल्ली, मथुरा, हरिद्वार, ऋषिकेश, नैनीताल और मनाली तक चक्कर काट रही थीं। सुराग मिलने पर जब पुलिस आगरा की झुग्गियों में पहुंची तो वहां बार-बार पुलिस की आवाजाही से स्थानीय लोगों को शक होने लगा था।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेंद्र सिंह चौहान और रातीबड़ थाना प्रभारी रास बिहारी शर्मा की रणनीति के तहत पुलिस टीम ने अपना भेष बदला। पुलिसकर्मियों ने आगरा में चार दिनों तक सब्जी का ठेला लगाया और रिक्शा चलाया। झुग्गी-झोपडिय़ों और तंग गलियों में सब्जी बेचते.बेचते पुलिसकर्मियों की नजर आखिरकार वरुण वाल्मीकि पर पड़ी और उसे चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया गया।

20 लाख की डकैती का अनुमान
पुलिस पूछताछ में आरोपी वरुण ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि वह मकान के बाहर लगी रिटायर्ड आईएएस अधिकारी की नेम प्लेट देखकर प्रभावित हुआ था। उसने अंदाजा लगाया था कि इस बड़े घर में कम से कम 10 से 20 लाख रुपये नकद और कीमती जेवर मिलेंगे। इसी नीयत से उसने घर में केयरटेकर की नौकरी ली थी। हालांकि उसे उम्मीद के मुताबिक नकदी नहीं मिली।

तेरी जरूरत नहीं, दफा हो जाओ…
30 सितंबर की रात करीब 12 बजे दवाई देने में देरी होने पर राकेश अग्रवाल ने वरुण को कड़ी फटकार लगाई थी। उन्होंने कहा था, तू यहां क्या करने आया है। तेरी यहां जरूरत नहीं है, दफा हो जा। यह बात आरोपी के दिमाग में चुभ गई। जब अग्रवाल की पत्नी ने उन्हें नींद की दवा देकर सुला दिया तो करीब दो घंटे बाद रात 2 बजे वरुण ने धारदार हथियार से राकेश अग्रवाल का गला रेत दिया।

घर को ब्लास्ट से उड़ाने की थी खौफनाक साजिश
हत्या के बाद आरोपी ने पूरे घर को उड़ाने और साक्ष्य मिटाने की खौफनाक साजिश रची थी। उसने रसोई में जाकर रसोई गैस का सिलेंडर खोल दिया और जलती हुई प्रेस को कपड़ों पर छोडक़र भाग गया। हालांकि पत्नी की नींद खुल जाने के कारण उन्होंने तुरंत प्रेस बंद की और पुलिस को सूचना दी, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

कबाड़ बीनकर गुजारा, बिना मोबाइल के काट रहा था फरारी
वारदात के बाद आरोपी 1 अक्टूबर को तडक़े 4.12 बजे भोपाल से केरल एक्सप्रेस पकडक़र भाग निकला। वह ग्वालियर, आगरा, मथुरा, दिल्ली, हरिद्वार, ऋषिकेश और मनाली में बसए ट्रेन और ट्रकों से सफर करता रहा। पहचान छिपाने के लिए उसने अपना मोबाइल फेंक दिया था और फुटपाथ पर सोकर व कबाड़-बोतलें बेचकर पेट भर रहा था। वह किसी भी शहर में दो दिन से ज्यादा नहीं टिकता था।

जयपुर और ग्वालियर में भी रहा विवादित रिकॉर्ड
पुलिस जांच में सामने आया है कि जून 2026 में जयपुर की रूही हेल्थ केयर सर्विस के जरिए नौकरी करने के दौरान खराब व्यवहार के कारण उसे हटा दिया गया था। वहीं 23 अगस्त 2026 को ग्वालियर में एक होम नर्सिंग केयर एजेंसी से मोबाइल चोरी करने का भी उस पर आरोप लगा था। फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है।

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