ठेकेदार की मौज है, कोई देखने वाला नहीं, कोई सुनने वाला नहीं… लाखों खर्च के बाद भी अधूरा पड़ा पार्क

सीहोर। सीहोर नगर पालिका परिषद में चल रहे विकास कार्यों की पोल खोलती एक बानगी मंडी क्षेत्र के प्रेमनगर कॉलोनी में साफ देखी जा सकती है। सौन्दर्यीकरण के नाम पर लाखों-करोड़ों रुपये फूंकने के बाद भी शहर की तस्वीर नहीं बदल रही है। हालात यह हैं कि प्रेमनगर कॉलोनी में पार्क निर्माण के नाम पर ठेकेदार को पूरा भुगतान भी कर दिया गया, लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी पार्क का काम अधूरा पड़ा है और अधिकारी-कर्मचारी आंखें मूंदकर बैठे हैं। स्थानीय रहवासियों का दर्द साफ झलक रहा है। ठेकेदार की मौज है, कोई देखने वाला नहीं, कोई सुनने वाला नहीं।
बता दें दो साल पहले जब इस पार्क का भूमि पूजन नगरपालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर ने किया था तो प्रेमनगर कॉलोनी के रहवासियों को लगा था कि उनके बच्चों के खेलने और बुजुर्गों के टहलने के लिए एक सुंदर जगह मिल जाएगी। लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट निकली।
ठेकेदार ने कागजों में काम पूरा दिखाकर लाखों रुपये का भुगतान भी हजम कर लिया, जबकि जमीन पर स्थिति यह है कि पार्क में न तो बच्चों के लिए झूले लगे हैं न बैठने के लिए कुर्सियां हैं और न ही हरियाली के लिए घास है। रखरखाव के अभाव में यहां अब झाडिय़ां उग आई हैं।
भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी योजना
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस पार्क के निर्माण में जमकर भ्रष्टाचार हुआ है। ठेकेदार द्वारा बेहद घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है, जिसके चलते अभी से पार्क के पेवर उखडऩे लगे हैं और दीवारें दरकने लगी हैं। स्थिति यह है कि कॉलोनीवासी न तो इस पार्क में घूम सकते हैं और न ही बच्चे यहां खेल सकते हैं।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से भारी नाराजगी
वार्डवासियों का कहना है कि वे कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों को इस घटिया और अधूरे काम की शिकायत कर चुके हैं, लेकिन किसी के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। कोई भी अधिकारी या नेता सुध लेने को तैयार नहीं है, जिससे जनता में भारी आक्रोश और नाराजगी है।
जिम्मेदार का जवाब
इस पूरे मामले पर जब नगरपालिका की जूनियर इंजीनियर प्राची गुप्ता का कहना है कि लाइट का इस्टीमेट दिया है, यदि निर्माण में गड़बड़ी है तो मरम्मत ठेकेदार से कराई जाएगी।



