संघ का मंथन, बीजेपी का गोपनीय दौरा और थरूर की सस्पेंस एंट्री, इंदौर का डेली कॉलेज बना देश का नया सियासी केंद्र

भोपाल। इंदौर के ऐतिहासिक डेली कॉलेज परिसर में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक समाप्त जरूर हो चुकी है, लेकिन इसकी गूंज अब संगठनात्मक गलियारों से निकलकर विशुद्ध रूप से राजनीतिक गलियारों में सुनाई दे रही है। इस बार चर्चा सिर्फसंघ के एजेंडे, भविष्य के अभियानों और संगठनात्मक मंथन तक सीमित नहीं है, बल्कि बैकस्टेज घटित हुए तीन ऐसे घटनाक्रमों ने मध्य प्रदेश से लेकर दिल्ली तक की राजनीति में भारी सस्पेंस पैदा कर दिया है।
बैठक के दौरान सबसे ज्यादा ध्यान बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष और मध्य प्रदेश के प्रदेश संगठन मंत्री चंद्रशेखर की मौजूदगी ने खींचा। बीजेपी के संगठनात्मक ढांचे में बीएल संतोष का स्थान बेहद अहम माना जाता है।
सबसे दिलचस्प बात यह रही कि उनके इस दौरे की जानकारी स्थानीय बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी नहीं थी। बीएल संतोष जब इंदौर के संभागीय बीजेपी कार्यालय जावरा कंपाउंड पहुंचे, तब जाकर स्थानीय नेताओं को खबर लगी। वहां मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे समेत कुछ चुनिंदा नेताओं ने उनसे मुलाकात की। इससे पहले कि आम कार्यकर्ता दफ्तर पहुंचते, बीएल संतोष वहां से रवाना हो चुके थे।
बड़ा सवाल यह है कि आखिर राष्ट्रीय संगठन महामंत्री के इस दौरे को इतना गोपनीय रखने की जरूरत क्यों पड़ी। क्या संघ के प्रस्तावित सामाजिक अभियानों को बीजेपी संगठन के साथ मिलाकर चलाने की कोई रणनीतिक ब्लूप्रिंट तैयार की जा रही है।
क्या संघ और सरकार मिला रहे हाथ
संघ की इस बैठक में देश में बढ़ती नशे की लत और सामाजिक ताने-ेबाने को नुकसान पहुंचाने वाली बाहरी ताकतों पर गंभीर चिंता जताई गई है। संघ आने वाले समय में इसे लेकर एक बड़ा सामाजिक आंदोलन शुरू करने जा रहा है।
संयोग से देश के गृहमंत्री अमित शाह भी लंबे समय से नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति की बात कर रहे हैं। ऐसे में संघ की बैठक के तुरंत बाद बीजेपी के बड़े संगठनात्मक चेहरों की मौजूदगी को इस महा-अभियान के तालमेल से जोडक़र देखा जा रहा है। क्या इस अभियान को जमीन पर उतारने के लिए बीजेपी का कैडर भी संघ के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करेगा।
शशि थरूर की रहस्यमयी आवाजाही ने बढ़ाई धडक़नें
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा राजनीतिक मोड़ तब आया जब कांग्रेस सांसद शशि थरूर का नाम इसमें जुड़ा। शशि थरूर सोमवार को एक कैंसर जागरूकता कार्यक्रम में शामिल होने डेली कॉलेज बिजनेस स्कूल पहुंचे थे।
कार्यक्रम खत्म होने के बाद वह गाड़ी में बैठकर परिसर से बाहर निकले, लेकिन कुछ ही देर में सभी को चौंकाते हुए दूसरे गेट से दोबारा डेली कॉलेज परिसर के अंदर दाखिल हुए। चर्चा है कि वह सीधे उस हिस्से में गए जहां संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक चल रही थी और उन्होंने संघ के एक बेहद वरिष्ठ पदाधिकारी से मुलाकात की।
हालांकि न तो संघ और न ही थरूर की ओर से इस मुलाकात की कोई आधिकारिक पुष्टि की गई है, लेकिन कांग्रेस के एक इतने बड़े और बौद्धिक चेहरे का संघ की राष्ट्रीय बैठक के दौरान अचानक वहां पहुंचना कई नए राजनीतिक समीकरणों को जन्म दे रहा है।
सिर्फ बैठक नहीं, दूरगामी राजनीति की पटकथा
एक तरफ संघ की बैठक में देश के सामाजिक भविष्य का ताना-बाना बुना जा रहा था तो वहीं दूसरी तरफ बीजेपी के शीर्ष रणनीतिकारों की गुप्त मौजूदगी और विपक्षी सांसद की संदेहास्पद आवाजाही ने इंदौर को देश की राजनीति का केंद्र बिंदु बना दिया। फिलहाल इन मुलाकातों पर आधिकारिक पर्दा गिरा हुआ है, लेकिन राजनीतिक पंडित मान रहे हैं कि डेली कॉलेज की इस बैठक से निकले इशारे आने वाले समय में बड़ा सियासी असर दिखाएंगे।



