रोजगार की रीढ़ टूटी: सीहोर की जय श्री पनीर फैक्ट्री बंद होने की कगार पर, 3000 परिवारों की दीपावली पर छाए संकट के बादल

सीहोर। सीहोर और इछावर विधानसभा क्षेत्र के लगभग तीन हजार परिवारों के लिए रोजगार का साधन रही ‘जय श्री पनीर फैक्ट्री’ अब बंद होने की कगार पर पहुंच गई है। जिला मुख्यालय से महज 8 किलोमीटर दूर स्थित इस फैक्ट्री के बंद होने के निर्णय ने इन परिवारों की इस बार की दीपावली की खुशियों को तकलीफ और टेंशन में बदल दिया है।
फैक्ट्री बंद होने का कारण बीते करीब दो साल से चल रहा लगातार शिकायतों और कुछ लोगों द्वारा पैदा की गई परेशानियां बताई जा रही हैं। फैक्ट्री प्रबंधन इन लगातार दबावों से बुरी तरह परेशान हो चुका था, जिसके चलते अंतत: इसे बंद करने का फैसला लेना पड़ा।
3000 परिवारों पर सीधा असर
इस फैक्ट्री में तीन शिफ्टों में करीब 3 हजार मजदूर सीधे तौर पर काम करते थे। इसके अलावा ट्रक ड्राइवर और अन्य संबंधित लोगों को भी यहां से रोजगार मिलता था। फैक्ट्री बंद होने के निर्णय के बाद प्रबंधन ने कर्मचारियों को निकालना शुरू कर दिया है और अब सिर्फ चंद कर्मचारी ही शेष बचे हैं।
नई फैक्ट्री तो नहीं डली, उल्टा रोजगार छीना
बेरोजगार हुए कर्मचारियों में जितेंद्र वर्मा, जितेंद्र कुशवाह, रजत मालवीय और शोभाराम सेन ने दर्द व्यक्त करते हुए कहा कि इस फैक्ट्री को इस स्थिति में पहुंचाने वाले जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार लोगों ने सीहोर-इछावर में नई फैक्ट्रियां तो नहीं डलवाईं, लेकिन जो फैक्ट्री चल रही थी उसे भी बंद कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
दीपावली पर मन उदास
इन 3000 परिवारों के मुखिया अब इस दीपावली अपने बच्चों को खुशियां नहीं दे पा रहे हैं और फैक्ट्री को इस हाल में पहुंचाने वाले जिम्मेदारों को कोस रहे हैं। उनके लिए यह दीपावली उत्सव नहीं, बल्कि बेरोजगारी का संकट लेकर आई है।



