शटर डाउन, गुस्सा हाई, सीलिंग के विरोध में थमा कोलार

भोपाल. भोपाल का कोलार इलाका… जो हर सुबह दुकानों के शटर उठने की आवाज और खरीदारों की चहल-पहल से गुलजार होता था, आज वहां सन्नाटा पसरा है. शटर गिरा दिए गए हैं, दुकानें बंद हैं और व्यापारी सडक़ों पर उतर आए हैं. वजह, नगर निगम की ताबड़तोड़ सीलिंग कार्रवाई.
बता दें कोलार तिराहे से लेकर गोल जोड़ तक… दूर-दूर तक आज आपको दुकानें बंद ही नजर आएंगी. नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई से परेशान कोलार के व्यापारियों ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है. मंगलवार को जब थाली और मंजीरा बजाकर प्रशासन की नींद तोडऩे की कोशिश नाकाम रही तो आज व्यापारियों ने कोलार को पूरी तरह लॉकडाउन मोड में डाल दिया.
हालांकि आम जनता की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए पेट्रोल पंप और मेडिकल जैसी आपातकालीन सेवाओं को बंद से बाहर रखा गया है. लेकिन बाकी सभी छोटे.बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर ताला जड़ा हुआ है.
व्यापारियों का दर्द है कि सीलिंग की यह कार्रवाई पूरी तरह से गलत है. निगम की इस तानाशाही ने व्यापारियों को सडक़ पर लाकर खड़ा कर दिया है. अगर हमारी बात नहीं सुनी गई तो यह आंदोलन और उग्र होगा.
हां तो बता दें एक तरफ जहां व्यापारी आक्रामक हैं, वहीं दूसरी तरफ नगर निगम भी अपने रुख पर कायम है. पिछले दो दिनों में निगम की टीम 170 से ज्यादा प्रतिष्ठानों को सील कर चुकी है और आज तीसरे दिन भी कार्रवाई जारी रखने के मूड में है. कल भी व्यापारियों ने रोशनपुरा चौराहे पर चार घंटे तक चक्काजाम कर अपना गुस्सा जताया था, लेकिन निगम के हथौड़े की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही.
एक तरफ सीलिंग का डर और दूसरी तरफ रोजी-रोटी का संकट. कोलार के व्यापारी अब आर-पार के मूड में हैं. थाली-मंजीरा बजाने से शुरू हुआ यह विरोध अब कोलार बंद और सडक़ पर प्रदर्शन तक पहुंच चुका है. अब देखना यह होगा कि नगर निगम अपने कदम पीछे खींचता है या व्यापारियों का यह गुस्सा भोपाल के बाकी बाजारों तक फैलता है.



