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संकल्प पर कायम केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज….

सीहोर। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी सादगी और पर्यावरण प्रेम का एक और अनूठा उदाहरण पेश किया है। अपने पांच साल के निरंतर पौधरोपण संकल्प के पूरा होने पर उन्होंने घोषणा की है कि अब उनका स्वागत फूलों की माला, साफे या महंगे स्मृति चिन्हों से नहीं किया जाएगा। शनिवार को भेरुंदा दौरे के दौरान इसका असर भी दिखा, जहां कार्यकर्ताओं ने उन्हें फूलों के बजाय पौधे भेंट कर उनका अभिनंदन किया।
बता दें अपनी बेबाकी के लिए मशहूर शिवराज सिंह चौहान ने बीते दिनों एक बड़ा संदेश देते हुए कहा था कि अक्सर व्यक्ति को यह गलतफहमी हो जाती है कि भव्य स्वागत उसका हो रहा है, जबकि असल में वह स्वागत व्यक्ति का नहीं बल्कि उसके पद का होता है। उन्होंने कहा मैं किसी गलत फहमी में नहीं जीना चाहता। पद से हटने के बाद कोई पूछने वाला नहीं मिलता, इसलिए आडंबर छोडक़र सीधे प्रकृति और सेवा से जुडऩा ही श्रेष्ठ है।
फिजूलखर्ची रोककर बचाएंगे प्रकृति
केंद्रीय मंत्री ने स्वागत पर होने वाले खर्च का गणित समझाते हुए कहा कि एक स्मृति चिन्ह कम से कम 500 रुपये का आता हैए जिसमें आसानी से 5 पेड़ लगाए जा सकते हैं। उन्होंने कपड़ों के महंगे पटकों गमछों के चलन पर भी सवाल उठाया और कहा कि एक बार पहनने के बाद इनका कोई उपयोग नहीं रह जाता। उन्होंने अपने मंत्रालय के अधिकारियों और संस्थाओं को भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि स्वागत की इन पुरानी परंपराओं को बंद कर पौधरोपण पर ध्यान केंद्रित करें।
जिले में शुरू हुई नई हरी-भरी परंपरा
बता दें कि शिवराज सिंह चौहान ने 19 फरवरी 2021 को नर्मदा तट से प्रतिदिन एक पौधा लगाने की शुरुआत की थी, जिसे अब 5 साल पूरे हो चुके हैं। उनके संकल्प के बाद शनिवार को भेरुंदा आगमन पर समर्थकों ने मालाओं के बजाय हाथ में पौधा लेकर मामा शिवराज का स्वागत किया।

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