यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री पहुंचे सीएम मोहन यादव, 85 एकड़ जमीन के भविष्य पर मंथन

भोपाल. गैस त्रासदी की गवाह रही यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के परिसर में आज बड़ी हलचल है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज सुबह ठीक 11 बजे जेपी नगर स्थित फैक्ट्री प्रांगण पहुंचे, वे यहां के चप्पे-चप्पे का बारीकी से निरीक्षण कर रहे हैं और अधिकारियों से इस विवादित और विषैली जमीन के भविष्य को लेकर चर्चा कर रहे हैं.
भारी सुरक्षा घेरे के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव फैक्ट्री के भीतर उन जगहों का जायजा ले रहे हैं, जहां कभी मौत का तांडव हुआ था. बता दें 1984 की उस काली रात के 40 साल बाद अब सरकार इस 85 एकड़ जमीन के नए उपयोग की योजना बना रही है. जिला प्रशासन और गैस राहत विभाग ने जमीन से जुड़ी सभी फाइलें तैयार कर ली हैं. खबर है कि पुलिस विभाग ने भी अपनी डीआरपी लाइन के लिए इस जमीन के एक हिस्से की मांग की है.
हालांकि, यह राह इतनी आसान नहीं है. पिछले साल भले ही 337 मीट्रिक टन जहरीला कचरा पीथमपुर भेजकर नष्ट किया गया हो, लेकिन गैस पीडि़त संगठनों का दावा है कि जमीन के नीचे अब भी हजारों टन कचरा दफन है. यह कचरा आज भी आसपास की 42 बस्तियों के भूजल को जहर बना रहा है.
मुख्यमंत्री का यह दौरा न केवल प्रशासनिक है, बल्कि इसके राजनीतिक और सामाजिक मायने भी बड़े हैं. क्या सरकार यहां कोई स्मारक बनाएगी या फिर यह जमीन पुलिस और अन्य विभागों के काम आएगी. मुख्यमंत्री के इस दौरे के बाद भोपाल के इस सबसे संवेदनशील इलाके की तस्वीर बदलने की उम्मीद जताई जा रही है.
मुख्यमंत्री के निरीक्षण के बाद अब सबकी नजरें उनके बयान पर टिकी हैं कि सरकार इस ऐतिहासिक और त्रासदीपूर्ण स्थान को लेकर क्या अंतिम फैसला लेती है.



