कौन-कौन हिंदुस्तानी है: मंत्री सारंग के बयान पर गरमाई मप्र की सियासत

सीहोर. मध्य प्रदेश सरकार के सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग का एक विवादित बयान इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. सीहोर के आष्टा विधानसभा क्षेत्र में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने जनता से ‘हिंदुस्तानी’ होने का सबूत मांगते हुए हाथ उठाने को कहा, जबकि उन्होंने पाकिस्तानियों से हाथ न उठाने की बात कही.
मंत्री सारंग आष्टा में हिंदू उत्सव समिति द्वारा आयोजित शिव पालकी यात्रा में शामिल होने आए थे. मंच से अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा अब लव जिहाद और लैंड जिहाद की बात नहीं होगी. उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो गलत काम करेगा, उसे अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए. इसके बाद उन्होंने भीड़ से सीधे पूछा ‘जो-जो यहां हिंदुस्तानी है, वह अपना हाथ ऊंचा करे.. कोई गद्दार तो नहीं है ना भाई’
कांग्रेस ने बयान को बताया ‘संकीर्ण मानसिकता’
मंत्री सारंग के इस बयान पर जिले की राजनीति गरमा गई है और कांग्रेस ने इसकी कड़ी निंदा की है. कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष कैलाश परमार ने मंत्री के बयान को संकीर्ण मानसिकता का उदाहरण बताया. परमार ने कहा कि भाजपा का चरित्र भावनाओं का शोषण करना है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि वह खुद बिना निमंत्रण के पाकिस्तान जाकर नवाज शरीफ की मां को शॉल पहना आए थे. उन्होंने सवाल उठाया अगर आज आपका शासन है, तो कोई पाकिस्तानी बिना वीजा के हिंदुस्तान में कैसे रह सकता है. परमार ने आरोप लगाया कि मंत्री सारंग का यह बयान इस बात का संकेत है कि जनता का समर्थन उनसे दूर हो रहा है और इसीलिए वह भावनाओं को भडक़ाकर समर्थन हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने मंत्री सारंग की इस टिप्पणी का पुरजोर विरोध किया.



