Sehore News : पूर्व विधायक सक्सेना की विधायक सुदेश राय को नसीहत…

Sehore News : सीहोर। कल (सोमवार)को जिला मुख्यालय पर घटित हुए राजनीतिक घटनाक्रम में पूर्व विधायक रमेश सक्सेना की भी इंट्री हो गई है। पूर्व विधायक रमेश सक्सेना ने वीडियो जारी कर वर्तमान विधायक सुदेश राय को नसीहत दी है.
पूर्व विधायक रमेश सक्सेना ने वीडियो जारी कर कहा कि कल सीहोर के इतिहास में एक बहुत ही दुखद घटना ने जन्म लिया. मैंने वीडियो देखा है, कांग्रेस कार्यालय के सामने मातृ शक्ति द्वारा प्रदर्शन चल रहा थीं, उस बीच में विधायक श्री सुदेश राय ने गाली गलौच का उच्चरण किया है. मां की गाली दी है. अखबारों में न्यूज है कि काला दिवस है. यह निश्चित रूप से काला दिवस है. आज तक सीहोर के इतिहास में किसी भी जनप्रतिनिधि ने सार्वजनिक रूप से मां बहन की गाली का उच्चारण नहीं किया, वहां मातृ शक्ति उपस्थित थीं और उनके सामने मां की गाली का उपयोग. मैं इस कृत्य की निंदा करता हूं और यह संवेदधानिक पद की गरिमा गई है और यह दो लाख वोटरों के मन पर कुठाराघात हुआ है और सबसे बड़ी बात जिस परिवार से सुदेश राय आते हैं उस परिवार की पृष्ठभूमि बहुत अच्छी रही है. जनता के साथ पारिवरिक पृष्ठभूमि को भी आघात पहुंचा है. मैं इस परिवार से पिछले ५० साल से जुड़ा हूं. मतभेद रहे, लेकिन मनभेद नहीं रहा. चारों भाई मेरी बड़े भाई की तरह इज्जत करते हैं, इसलिए मुझे दुख हुआ और बड़े भाई की हैसियत से मैं विधायक जी से यह कहना चाहता हूं कि वह अपने आपको संयमित करें, दूर दृष्टि से सोचे और अपने इस व्यवहार में परिवर्तन लाएं, ताकि दो लाख वोटर गर्व से सीना तानकर कह सके कि हमारे जनप्रतिनिधि है. यह कांग्रेस बीजेपी की बात नहीं है यह हमारे व्यक्तिगत जीवन में निश्चित रूप से सूचिता का उल्लंघन है और यह धमकी जो दी रही है, यह जिला प्रशासन और पुलिस प्रशसन को दी जा रही है कि यदि ऐसा नहीं किया तो म्मैं कर दूंगा. इसलिए बहुत सोच का विषय है. मैं इतना ही कहं कि राजनीति करें, लेकिन मापदंडों के अनुसार राजनीति करें.
घटित हुआ यह मामला
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के एक बयान को लेकर सोमवार को शहर के बस स्टैंड पर बीजेपी और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प ने तनाव का माहौल बना दिया। यह राजनीतिक घटनाक्रम शहर के बस स्टैंड के पास हुआ, जहां से हजारों यात्री सफर करते हैं। इस राजनीतिक विवाद के कारण यात्रियों में डर और अफरा तफरी का माहौल बन गया।
धक्का-मुक्की में बदली बहस
बीजेपी कार्यकर्ता राहुल गांधी के बयान के विरोध में कांग्रेस कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर रहे थे। वे नारे लगा रहे थे और पुतला जलाने का प्रयास कर रहे थे, तभी कांग्रेस कार्यकर्ता भी अपने कार्यालय से बाहर आ गए। दोनों पक्षों के बीच शुरू हुई तीखी बहस जल्द ही धक्का मुक्की में बदल गई। इस हंगामे से बस स्टैंड पर मौजूद यात्री जो अपनी बसों का इंतजार कर रहे थे या उतर रहे थे घबरा गए। कई लोगों ने सुरक्षित जगह तलाशनी शुरू कर दी, जबकि कुछ लोग बस स्टैंड परिसर से दूर चले गए।
थाने पहुंचा मामला
राजनीतिक घटनाक्रम के बाद बीजेपी के प्रमुख नेता व कार्यकर्ता कोतवाली थाने पहुंचे, जहां आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी कार्यकर्ता के साथ मारपीट की, इसे लेकर एफआईआर दर्ज कराई गई। इधर कुछ देर कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती के नेतृत्व में भी कांग्रेस कार्यकर्ता थाने पहुंचे और एफआईआर दर्ज कराने की मांग की।
एक-दूसरे पर लगाए आरोप
घटना के बाद बीजेपी जिलाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके एक साथी के साथ मारपीट की और महिलाओं के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने इस संबंध में पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई है।
कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने कहा कि भाजपा के लोग दूसरी बार कांग्रेस पार्टी के कार्यालय पर प्रदर्शन कर जनता को कौन सा संदेश देना चाहते हैं। जबकि यह प्रदर्शन महिला मोर्चा का था और इस प्रदर्शन में भाजपा के कार्यकर्ताओं द्वारा हमारे वरिष्ठ नेता राहुल गांधी एवं जीतू पटवारी के खिलाफ अभद्र भाषा का उपयोग किया एवं कांग्रेसजनों को मां बहन की गाली देना और खुलेआम कांग्रेस कार्यालय को जलाने की धमकी दी गई, जिसका विडियो और फोटो सार्वजनिक है। हमने कोतवाली पहुंचकर लिखित आवेदन दिया जिसमें गाली गलोच और कार्यालय को जलाने की धमकी देने वालों के विरूद्ध कार्यवाही की मांग की और कहा कि हमने पुलिस प्रशासन ने तीन दिन में कार्यवाही करने का समय दिया है। अगर इन लोगों के विरूद्ध कार्यवाही नहीं होती है तो प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में कांग्रेसजनों द्वारा एसपी आफिस का घेराव किया जाएगा।



