राजनीतिक विवाद में अकेले पड़े सीहोर के नेता, बगैर प्रादेशिक नेताओं के आज सौंपेंगे ज्ञापन

सीहोर। जिला मुख्यालय पर बीते सोमवार को घटित हुए राजनीतिक घटनाक्रम में सीहोर के कांग्रेस नेता अकेले पड़े गए हैं। इन सियासी घटनाक्रम में अब तक कांग्रेस के प्रादेशिक नेताओं का साथ सीहोर के कांग्रेसियों को नहीं मिला है। इस विवाद के अगले कदम में आज कांग्रेस नेता पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपेंगे। इस प्रदर्शन में अब तक किसी बड़े नेता के शामिल होने की जानकारी सार्वजनिक नहीं है।
कांग्रेस द्वारा जारी सूचना के अनुसार आज दोपहर 12.40 बजे जिला कांग्रेस कार्यालय से बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता मार्च करते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक जाएंगे। जहां पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए कांग्रेस कार्यकर्ता पर दर्ज एफआईआर को वापस लिए जाने की मांग की जाएगी साथ ही बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा कांग्रेस कार्यालय के सामने किए गए प्रदर्शन को लेकर एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग की जाएगी।
जिले में चर्चा, बड़े नेता खामोश क्यों?
इस पूरे सियासी विवाद में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कांग्रेस के प्रादेशिक नेता मौन क्यों हैं, इन बड़े नेताओं पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, कमलनाथ और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का जिक्र कर रहे हैं, जिन्होंने इस घटनाक्रम पर चुप्पी साध रखी है। उनकी यह खामोशी स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच बेचैनी पैदा कर रही है, जो इस लड़ाई में अकेला महसूस कर रहे है।
क्या थी विवाद की वजह
विवाद की शुरुआत सोमवार को उस समय हुई, जब बस स्टैंड पर राहुल गांधी के एक बयान को लेकर भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता भिड़ गए। आरोप है कि इस दौरान हुई बहस और धक्का-मुक्की में विधायक सुदेश राय ने ‘मातृशक्ति’ के सामने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, जिसके बाद भाजपा ने उन पर निशाना साधा।
जुबानी जंग और पलटवार
घटना के बाद पूर्व विधायक रमेश सक्सेना ने एक वीडियो जारी कर इस दिन को ‘काला दिवस’ करार दिया। उन्होंने विधायक को मर्यादा बनाए रखने की नसीहत दी। इसके जवाब में विधायक के भांजे राजकुमार जायसवाल ने पलटवार करते हुए कहा कि जिन्हें राजनीतिक शुचिता का पाठ पढ़ाना है, उन्हें पहले अपने उस प्रवक्ता को रोकना चाहिए था जिसने पंडित प्रदीप मिश्रा के बारे में गलत बातें लिखी थीं। उन्होंने साफ किया कि विधायक अपने कार्यकर्ताओं के लिए हर लड़ाई लड़ेंगे।
कांग्रेस ने भाजपा की निंदा की
बुधवार को कांग्रेस कार्यालय में हुई बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने भाजपा के कृत्य की कड़ी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक सुदेश राय और भाजपा जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में सार्वजनिक रूप से अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया, जो कि राजनीतिक इतिहास में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। कांग्रेस ने भाजपा से पश्चाताप करने की मांग की।



