भाजपा की नई टीम में ‘बवाल’…..

भोपाल। खुद को अनुशासित कहने वाली भाजपा के अंदरूनी गलियारों में मंगलवार को तब हडक़ंप मच गया, जब भोपाल शहर अध्यक्ष रविंद्र यती की नई टीम घोषित होते ही बगावत शुरू हो गई। एक साल के लंबे इंतजार के बाद घोषित की गई जिला कार्यकारिणी विवादों में घिर गई है। तीखे विरोध और संगठन की नाराजगी को देखते हुए पार्टी ने पूरी सूची को फिलहाल होल्ड कर दिया है।
इस पूरे विवाद के केंद्र में जिला महामंत्री बनाए गए सचिन दास बब्बा का नाम है। बताया जा रहा है कि सूची जारी होते ही भोपाल के कई दिग्गज नेताओं ने संगठन के सामने आपत्ति दर्ज कराई। शिकायत यह थी कि जिस व्यक्ति ने 2013 में भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ा और जो भाजपा कार्यालय में ही तोडफ़ोड़ की घटना में शामिल रहा, उसे महामंत्री जैसा महत्वपूर्ण पद कैसे दे दिया गया।
पार्षदों का क्लब बनी कार्यकारिणी
नाराजगी का दूसरा बड़ा कारण कार्यकारिणी में पार्षदों और उनके प्रतिनिधियों का दबदबा है। आरोप लग रहे हैं कि टीम में पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ताओं को नजर अंदाज कर इसे पार्षद क्लब बना दिया गया है। टीम में अशोक वाणी, राजू अनेजा, मोनू गोहल, सुषमा बावीसा और मनोज राठौर जैसे पार्षद या पार्षद प्रतिनिधियों को अहम पदों पर बैठाया गया था।
आनन-फानन में डिलीट की सूची
हंगामे की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, शहर अध्यक्ष रविंद्र यती और भाजपा के ऑफिशियल पेज से इस लिस्ट को पोस्ट करने के कुछ ही समय बाद डिलीट कर दिया गया। पार्टी अब डैमेज कंट्रोल में जुटी है, लेकिन इस घटना ने भोपाल भाजपा की गुटबाजी को सरेराह ला खड़ा किया है।



