अमलाहा में दलहन महाकुंभ, देश को दालों में आत्मनिर्भर बनाने के लिए दिग्गजों का मंथन जारी

सीहोर। जिले के अमलाहा में आज दलहन उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने के संकल्प के साथ एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस महासम्मेलन में देश के दिग्गज नेताओं, वैज्ञानिकों और कई राज्यों के कृषि मंत्रियों ने शिरकत की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारत को दलहन के क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाना और किसानों की आय में वृद्धि करना है।
सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी सहित मध्य प्रदेश, पंजाब, ओडिशा, छत्तीसगढ़, बिहार, गुजरात, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पश्चिम बंगाल के कृषि मंत्री आमंत्रित किए गए। कार्यक्रम स्थल पर सबसे पहले प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा पहुंचे। सभी अतिथियों ने फील्ड विजिट कर उन्नत कृषि तकनीकों और फसल की नई किस्मों को देखा और मौजूद किसानों से सीधा संवाद कर खेती की चुनौतियों को समझा।
आधुनिक सुविधाओं और लैब का लोकार्पण
किसानों को तकनीक से जोडऩे के लिए अतिथियों ने प्रशासनिक भवनए किसान प्रशिक्षण केंद्र और कई आधुनिक प्रयोगशालाओं जीनोमिक्स, टिश्यू कल्चर, प्लांट पैथोलॉजी आदि का लोकार्पण किया। इसके साथ ही पल्सेस मिशन पोर्टल को भी लॉन्च किया गया, जो दलहन खेती से जुड़ी जानकारियों के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म बनेगा। इस दौरान दलहन के उन्नत बीजों और उत्पादों पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया गया।
किसानों का सम्मान और नई तकनीक पर चर्चा
सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वाले 5 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया और किसानों को उन्नत बीजों का वितरण भी किया गया। ऑडिटोरियम में आयोजित तकनीकी सत्र में एफपीओ प्रतिनिधियों, विशेषज्ञों और मिल मालिकों ने अपने विचार रखे।



