भोपाल का वन विहार बना ‘नो व्हीकल जोन’, सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया सबसे पहले नियम का पालन
- सीएम के वाहनों का काफिला बगैर सायरन पहुंचा वन विहार

भोपाल. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित वन विहार राष्ट्रीय उद्यान आज से एक बड़े और ऐतिहासिक बदलाव के साथ पर्यटकों का स्वागत कर रहा है. वन्यजीवों को शोर और प्रदूषण से बचाने के लिए वन विहार को पूरी तरह से नो व्हीकल जोन घोषित कर दिया गया है और इस नए नियम को सबसे पहले खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने फॉलो किया. सीएम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अब तक की उपलब्धियां व भविष्य की प्लानिंग भी बताई.
आज 1 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वन विहार में राज्य स्तरीय वन्यजीव सप्ताह 2025 का शुभारंभ करने पहुंचे थे. इस अवसर पर उन्होंने न सिर्फ सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के 40 से अधिक पर्यटक वाहनों का लोकार्पण किया, बल्कि इस नई व्यवस्था की शुरुआत भी की.
सबसे खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की गाडिय़ों का काफिला बिना किसी सायरन के वन विहार पहुंचा. सीएम ने खुद आगे बढक़र नए नियम का पालन किया, जिससे यह संदेश गया कि वन्यजीवों के संरक्षण के लिए यह कदम कितना महत्वपूर्ण है.
पर्यटकों के लिए अब शानदार वैकल्पिक व्यवस्था
वन विहार प्रबंधन ने पर्यटकों की सुविधा के लिए भी पुख्ता इंतजाम किए हैं।
– 40 गोल्फ कार्ट की फौज पार्क के अंदर घूमने के लिए 40 गोल्फ कार्ट का संचालन शुरू किया गया है.
– हॉप ऑन हॉप ऑफ: इनमें से 32 कार्ट हर 10 मिनट में दोनों गेटों से उपलब्ध होंगे और सभी व्यू पॉइंट्स पर रुकेंगे, जिससे पर्यटक आराम से वन्यजीवों का दीदार कर सकेंगे.
– प्राइवेट बुकिंग: 8 अन्य 6 सीटर गोल्फ कार्ट को पर्यटक तीन घंटे के लिए बुक कर सकते हैं.
साइकिल और पैदल भ्रमण: गोल्फ कार्ट के अलावा 150 नई साइकिलें भी किराए पर उपलब्ध होंगी. पर्यटक पैदल भ्रमण और शाकाहारी सफारी का भी आनंद ले सकेंगे.



