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नर्मदा जयंती विशेष: हमें माफ करना मां, सीहोर में शिव-मोहन के आदेश बेअसर, दावों के बीच तटों पर धड़ल्ले से बिक रही शराब

सीहोर। आज नर्मदा जयंती है। आस्था का सैलाब तटों पर उमड़ रहा है, श्रद्धालु श्रद्धा की डुबकी लगा रहे हैं, लेकिन सीहोर जिले के नर्मदा तटीय क्षेत्रों में जो नजारा दिख रहा है, वह प्रशासन और सरकार के दावों की पोल खोलने के लिए काफी है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की कड़ाई के बावजूद सीहोर में नर्मदा किनारे शराब और मांस की बिक्री पर लगा प्रतिबंध केवल कागजों तक सीमित नजर आ रहा है। आज पवित्र स्नान के लिए पहुंचे श्रद्धालु व्यवस्था और उल्लंघन को देखकर बस यही कह रहे हैं कि हमें माफ करना मां…
बता दें नर्मदा की पवित्रता के लिए प्रदेश की दो सरकारों ने बड़े फैसले लिए थे, लेकिन सीहोर जिले के तटीय गांवों में इनके आदेशों का असर नहीं दिख रहा है।
शिवराज सरकार का फैसला मई 2017: तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नर्मदा सेवा यात्रा के दौरान घोषणा की थी कि नर्मदा के 5 किलोमीटर के दायरे में कोई शराब दुकान नहीं होगी। 1 अप्रैल 2017 से इसे लागू भी किया गया।
मोहन यादव सरकार का फैसला दिसंबर 2023: सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार्मिक स्थलों और पवित्र नदियों के किनारे खुले में मांस और मछली की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध का आदेश दिया।

सीहोर में जमीनी हकीकत: प्रतिबंध के बाद भी ‘मधुशाला’
विडंबना देखिए कि जिस बुधनी और शाहगंज क्षेत्र से शिवराज सिंह चौहान का गहरा नाता है, वहीं के तटवर्ती गांवों में नर्मदा जयंती के दिन भी अवैध रूप से शराब बेची जा रही है। नियमों के मुताबिक नर्मदा के दोनों तटों से 5 किलोमीटर की परिधि में शराब दुकानें पूरी तरह प्रतिबंधित हैं, लेकिन स्थानीय सांठगांठ के चलते शराब माफिया सक्रिय हैं। श्रद्धालु जब पवित्र स्नान के लिए घाटों पर पहंंचते हैं तो आसपास का माहौल उनकी आस्था को ठेस पहुंचा रहा है।
पवित्रता पर प्रहार, प्रशासन मौन
सरकार ने नर्मदा को जीवित इकाई का दर्जा दिया है, जिसका अर्थ है कि इसे प्रदूषित करना कानूनी अपराध है। बावजूद इसके खुले में मांस विक्रय और शराब के सेवन की खबरें सरकारी निगरानी पर सवाल खड़े करती हैं। आज नर्मदा जयंती के विशेष अवसर पर प्रशासन ने जीरो टॉलरेंस का दावा किया था, लेकिन सीहोर के कई गांवों में यह दावा हवा-हवाई साबित हो रहा है।

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