मोहन सरकार ने बदला कमलनाथ सरकार का फैसला

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक आयोजित हुई, इस दौरान मोहन यादव सरकार ने तत्कालीन कमलनाथ सरकार का एक फैसला भी बदला है। इसके अलावा मंत्री परिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। प्रदेश में प्रदूषण कम करने और पुरानी गाडिय़ों को हटाकर नई गाडिय़ां खरीदने को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने वाहनों को स्क्रैप करने पर 50 प्रतिशत मोटर वाहन कर में छूट देने का फैसला किया है। यह छूट उन वाहनों पर लागू होगी जो भारत स्टेज.1 या उससे पहले के उत्सर्जन मानकों पर आधारित हैं।
क्या है पूरी योजना
किन्हें मिलेगी छूट: बीएस-1 या उससे पहले के मानक वाले वाहनों और बीएस-2 मानक वाले मध्यम/भारी मालवाहक और यात्री वाहनों को स्क्रैप करने पर यह छूट मिलेगी।
सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट का महत्व: स्क्रैप करने पर मिलने वाला सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट ही इस छूट के लिए एकमात्र आवश्यक दस्तावेज होगा। इस सर्टिफिकेट की वैधता तीन साल की होगी। हालांकि छूट सिर्फ तभी मिलेगी जब नया वाहन उसी व्यक्ति के नाम पर खरीदा जाए, जिसके पास स्क्रैपिंग का सर्टिफिकेट है।
स्क्रैपिंग का सर्टिफिकेट मध्यप्रदेश में पंजीकृत किसी अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर से ही जारी होना चाहिए। दूसरे राज्यों के सर्टिफिकेट पर यह छूट नहीं मिलेगी। जिस श्रेणी का वाहन स्क्रैप किया गया है, उसी श्रेणी का नया वाहन खरीदने पर ही छूट दी जाएगी।
सरकार का अनुमान है कि इससे 99 हजार वाहनों को स्क्रैप किया जा सकेगा, जिस पर लगभग 100 करोड़ का वित्तीय भार आएगा। भारत सरकार से भी इस योजना के लिए 200 करोड़ की विशेष सहायता मिलने की उम्मीद है।
प्रत्यक्ष प्रणाली से होगा नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव
मंत्रि-परिषद ने एक और बड़ा फैसला लेते हुए नगरीय निकायों के अध्यक्ष पद का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली (सीधे मतदाताओं द्वारा) से कराने के लिए मध्यप्रदेश नगरपालिका संशोधन अध्यादेश 2025 लाने की स्वीकृति दी है। यह फैसला अगले नगरीय निकाय चुनावों से लागू होगा। इससे पहले वर्ष 1999 से 2014 तक अध्यक्ष का चुनाव सीधे मतदाताओं द्वारा होता था, लेकिन 2022 के चुनावों में यह प्रणाली बदल दी गई थी। अब सरकार ने इसे फिर से बहाल करने का निर्णय लिया है, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि नगर पालिका अध्यक्ष का चयन सीधे जनता की पसंद से हो।



