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‘मामा’ के दिल में धडक़ता है सीहोर, अमलाहा में सजने वाली है 9 राज्यों के कृषि मंत्रियों की चौपाल

सीहोर। राजनीति के शिखर पर पहुंचने के बाद भी ‘पांव-पांव’ वाले भैया यानी मामा शिवराज सिंह चौहान का अपनी माटी से प्रेम जगजाहिर है। केंद्रीय कृषि मंत्री बनने के बाद अब वे अपने गृह जिले सीहोर को देश की कृषि राजनीति का पावर सेंटर बनाने जा रहे हैं। आगामी 07 फरवरी को अमलाहा में आयोजित होने वाला राष्ट्रीय दलहन सम्मेलन इस बात का गवाह बनेगा कि कैसे एक बेटा अपनी जन्मभूमि से पूरे देश की तकदीर बदलने का खाका खींचता है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस महत्वपूर्ण सम्मेलन के लिए किसी महानगर के बजाय सीहोर के अमलाहा को चुनकर यह साबित कर दिया है कि उनके दिल में आज भी अपने जिले के किसानों के लिए खास जगह है। इस सम्मेलन में देश के 09 प्रमुख राज्यों के कृषि मंत्री मामा के निमंत्रण पर सीहोर की धरती पर कदम रखेंगे। यह आयोजन न केवल दलहन उत्पादन को बढ़ाने पर केंद्रित होगा, बल्कि सीहोर को अंतरराष्ट्रीय कृषि मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा।
9 राज्यों के कृषि मंत्री आएंगे सीहोर
सम्मेलन की गरिमा बढ़ाने के लिए मध्यप्रदेश सहित उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, छत्तीसगढ़, बिहार, गुजरात, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कृषि मंत्री अमलाहा पहुंच रहे हैं। मामा की मेजबानी में ये दिग्गज मंत्री, वैज्ञानिक और विशेषज्ञ दलहन अनुसंधान और नई तकनीक पर गहन मंथन करेंगे। उद्देश्य साफ है भारत को दालों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना और किसानों की आय को नई ऊंचाइयों पर ले जाना।
मिट्टी की सेहत और किसानों की मुस्कान
अमलाहा में होने वाली इस चर्चा में इस बात पर जोर दिया जाएगा कि कैसे कम लागत में दलहन की खेती कर किसान अपनी आर्थिक स्थिति सुधार सकते हैं। वैज्ञानिकों की मदद से किसानों को नई किस्म के बीजों और तकनीकों से रूबरू कराया जाएगा।

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