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इंदौर जल त्रासदी, 16 मौतों के बाद ‘हाईकोर्ट’ में पेश होगी रिपोर्ट, अस्पतालों में अब भी जिंदगी की जंग

भोपाल. इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मचे कोहराम के बीच राहत और इलाज का सिलसिला जारी है. मौत का आंकड़ा 16 तक पहुंचने के बाद अब शासन इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मंगलवार को हाईकोर्ट में पेश करेगा. वहीं अस्पतालों में भर्ती सैकड़ों मरीजों में से कई अब भी आईसीयू में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं.
इंदौर के पानी में घुले जहर ने कई घरों के चिराग बुझा दिए हैं. बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती 11 गंभीर मरीजों में से 4 की हालत में सुधार होने पर उन्हें वार्ड में शिफ्ट किया गया है, लेकिन 7 मरीज अब भी आईसीयू में वेंटिलेटर और डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में हैं. शहर के अलग-अलग अस्पतालों में अब तक 398 मरीज भर्ती हो चुके हैं, जिनमें से 142 का इलाज अब भी चल रहा है. हालांकि 256 लोग जंग जीतकर घर लौट चुके हैं.
जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य विभाग ने पूरी ताकत झोंक दी है. निगम की 17 टीमों ने भागीरथपुरा के 2354 घरों का सघन सर्वे किया. 9416 लोगों की सेहत जांची गई, जिसमें 20 नए मरीज सामने आए हैं. इलाके की संवेदनशीलता को देखते हुए वहां 5 एम्बुलेंस स्थाई रूप से तैनात की गई हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा सके.
सीएमएचओ डॉ. माधव हसनी के नेतृत्व में जन अभियान परिषद, आशा कार्यकर्ता और एनजीओ के सदस्य घर-घर पहुंच रहे हैं. हर परिवार को 10 ओआरएस पैकेट, 30 जिंक की गोलियां और पानी शुद्ध करने वाली किट बांटी जा रही है. प्रशासन की कोशिश है कि संक्रमण की चैन को जल्द से जल्द तोड़ा जा सके.
अब सबकी निगाहें मंगलवार को होने वाली हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं. शासन को कोर्ट में यह जवाब देना होगा कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई और भविष्य में ऐसी त्रासदी रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं. दूषित पानी से हुई ये 16 मौतें अब एक बड़ा कानूनी और प्रशासनिक मुद्दा बन चुकी हैं.

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