गामिनी ने 4 शावकों को दिया जन्म, सीएम ने दी बधाई…

भोपाल। मध्य प्रदेश, जो पहले से ही टाइगर स्टेट के रूप में अपनी पहचान बना चुका है, अब दुनिया के मानचित्र पर चीता पुनरुद्धार के सबसे बड़े केंद्र के रूप में उभर रहा है। कूनो नेशनल पार्क से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बेहद सुखद और गौरवान्वित करने वाली खबर सामने आई है। यहां दक्षिण अफ्रीका से आई मादा चीता गामिनी ने खुले जंगल में 4 स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। इस बात की जानकारी स्वयं सीएम डॉ. मोहन यादव ने साझा करते हुए बधाई दी है।
बता दें चीता प्रोजेक्ट की सफलता के लिहाज से यह घटना ऐतिहासिक मानी जा रही है। मादा चीता गामिनी ने इन शावकों को किसी बंद बाढ़े के बजाय खुले जंगल में जन्म दिया है। यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि चीते अब न केवल भारत के माहौल में ढल चुके हैं, बल्कि वे यहां अपनी प्राकृतिक जीवनशैली को भी अपना रहे हैं। इन नन्हे शावकों के आने से कूनो नेशनल पार्क में अब चीतों की कुल संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है, जो भविष्य के लिए शुभ संकेत है।
प्रकृति संरक्षण की प्रतिबद्धता हो रही सफल
भारत सरकार और मध्य प्रदेश सरकार के साझा प्रयासों से शुरू हुआ चीता प्रोजेक्ट अपनी सफलता की नई इबारत लिख रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस बात की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से साझा करते हुए कहा कि प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता अब जमीन पर रंग ला रही है। शावकों का जन्म इस महात्वाकांक्षी परियोजना के लिए एक बूस्टर डोज की तरह है, जिसने साबित कर दिया है कि कूनो की धरती चीतों के पुनर्वास के लिए दुनिया के बेहतरीन जंगलों में से एक है।
प्रबंधकों और डॉक्टरों की मेहनत लाई रंग
इस बड़ी कामयाबी के पीछे कूनो नेशनल पार्क के मैदानी अमले, कुशल प्रबंधकों और अनुभवी वन्यजीव चिकित्सकों की दिन-रात की कड़ी मेहनत है। चीतों की निगरानी से लेकर उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा तकए टीम ने हर स्तर पर बेहतरीन काम किया है। यही वजह है कि आज गामिनी और उसके चारों शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं और विशेषज्ञों की सतत निगरानी में हैं।



