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रेत परिवहन पर संग्राम, वैध रॉयल्टी के बावजूद कार्रवाई से भडक़े ट्रक मालिक, अब भोपाल में करेंगे विधानसभा का घेराव

भोपाल। मध्य प्रदेश में रेत परिवहन को लेकर ट्रक मालिकों और प्रशासन के बीच ठन गई है। समस्त रेत ट्रक ओनर्स एसोसिएशन मध्यप्रदेश ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए चलो विधानसभा अभियान का बिगुल फूंक दिया है। एसोसिएशन का आरोप है कि नर्मदापुरम समेत प्रदेश के कई जिलों में वैध रॉयल्टी और नियमों के पालन के बावजूद डंपरों पर मनमानी कार्रवाई की जा रही है, जिससे इस व्यवसाय से जुड़े हजारों परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
एसोसिएशन के प्रतिनिधियों का कहना है कि वे शासन के नियमों का पूर्ण पालन कर रहे हैं। नियम के मुताबिक 12 टायर वाले डंपर में 24 घन मीटर रेत और अनुमत 10 प्रतिशत अतिरिक्त मात्रा की रॉयल्टी जमा की जा रही है। इसके बावजूद प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल रास्ते में वाहनों को रोककर उन पर अवैध परिवहन या ओवरलोडिंग के प्रकरण दर्ज कर रहे हैं। ट्रक मालिकों का कहना है कि जब उन्होंने शासन को नियत टैक्स और रॉयल्टी चुका दी है तो फिर उन्हें अपराधी की तरह क्यों रोका जा रहा है।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
ट्रक ओनर्स एसोसिएशन ने खनिज नियमों का हवाला देते हुए कहा कि नियम 23 और 25 के तहत रेत परिवहन के मामलों में पुलिस की भूमिका केवल सूचना देने तक सीमित है। वाहन की जब्ती और कार्रवाई का कानूनी अधिकार केवल अधिकृत राजस्व या खनिज अधिकारियों के पास है। लेकिन वर्तमान में पुलिस द्वारा बार-बार डंपरों को रोककर न केवल समय बर्बाद किया जा रहा हैए बल्कि अनावश्यक कानूनी पचड़ों में भी फंसाया जा रहा है।
कलेक्टर कार्यालय में प्रदर्शन
अपनी मांगों को लेकर नर्मदापुरम में आज सैकड़ों ट्रक मालिकों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जमकर नारेबाजी की और ज्ञापन सौंपा। इसके पश्चात आक्रोशित मालिकों ने जिला रेत ठेकेदार के कार्यालय का घेराव भी किया। एसोसिएशन ने प्रमुख सचिव खनिज साधन विभाग को भेजे आवेदन में चार प्रमुख मांगें रखी हैं।
– रोके गए डंपरों में भरी रेत की मात्रा की निष्पक्ष जांच की जाए।
– वैध रॉयल्टी होने के बाद भी दर्ज किए गए मामलों की उच्च स्तरीय जांच हो और उन्हें निरस्त किया जाए।
– बिना रॉयल्टी और बिना अनुमति के रेत ढोने वाले ट्रैक्टरों पर सख्त कार्रवाई के लिए विशेष अभियान चले।
– वैध दस्तावेज दिखाने पर पुलिस प्रशासन वाहनों को अनावश्यक रूप से परेशान न करे।
भोपाल कूच की तैयारी
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया गया तो प्रदेश भर के ट्रक मालिक अपने वाहनों के साथ भोपाल कूच करेंगे। चलो विधानसभा अभियान के तहत विधानसभा का घेराव किया जाएगा। ट्रक मालिकों का कहना है हम अवैध परिवहन का समर्थन नहीं करते, लेकिन वैध रॉयल्टी वाले मालिकों का उत्पीडऩ बर्दाश्त नहीं करेंगे। रेत परिवहन को लेकर बढ़ता यह असंतोष आने वाले दिनों में सरकार और प्रशासन के लिए बड़ी सिरदर्दी बन सकता है।

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