उज्जैन की सडक़ों पर उतरा उत्साह, राहगीरी में ‘देसी’ रंग में रंगे सीएम मोहन यादव, कहीं चलाई तलवार तो कहीं बैलगाड़ी की सवारी

भोपाल। धार्मिक नगरी उज्जैन आज रविवार को एक अलग ही उत्साह और ऊर्जा से सराबोर नजर आई। अवसर था राहगीरी आनंदोत्सव 2026 का, जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने न केवल शिरकत की, बल्कि एक आम नागरिक की तरह फिटनेस, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों का भरपूर आनंद लिया। मुख्यमंत्री ने इस दौरान परंपरा और आधुनिकता के संगम के बीच हजारों लोगों के साथ अपनी सेहत और सामाजिक समरसता का संदेश साझा किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने चिर-परिचित अंदाज में नजर आए। वे कुश्ती संघ के मंच पर पहुंचे और वहां गदा लहराकर खिलाडिय़ों का उत्साहवर्धन किया। इतना ही नहीं, उन्होंने मंच पर तलवार लहराकर अपनी फुर्ती और पारंपरिक शस्त्र कला के प्रति प्रेम का प्रदर्शन भी किया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर युवाओं और बच्चों का उत्साह दोगुना हो गया।
बैलगाड़ी पर सवार हुए मुख्यमंत्री
मालवा की परंपराओं को सहेजते हुए मुख्यमंत्री इस दौरान बैलगाड़ी पर भी सवार हुए। उन्होंने राहगीरी मार्ग का भ्रमण किया और हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। राहगीरी के इस सफर में उन्होंने हस्ताक्षर अभियान में हिस्सा लिया और लोगों से अपनी सेहत व फिटनेस पर ध्यान देने की अपील की।
अंटी, सितोलिया और बोरा दौड़ का दिखा रोमांच
राहगीरी कार्यक्रम में पुराने देसी खेलों ने सबका मन मोह लिया। यहां अंटी कंचे, रस्सीकूद, बोरा दौड़ और सितोलिया जैसे खेलों का आयोजन किया गया। बच्चों ने लाठी घुमाकर दमदार करतब दिखाए, जिसे देखकर मुख्यमंत्री ने भी उनकी सराहना की। साथ ही मलखंभ, अखाड़ा प्रदर्शन और एरोबिक ने कार्यक्रम में जोश भर दिया।
मालवी नृत्य और गरबा की धूम
सडक़ों पर युवाओं ने ढोल-ताशों की थाप पर गरबा और डांस किया। मालवी और हरियाणवी नृत्य की प्रस्तुतियों ने राहगीरी में लोक संस्कृति का रंग घोल दिया। मालवा नाट्य समूह और विभिन्न डांस अकादमियों के बच्चों ने भी अपनी कला का प्रदर्शन किया, जिनका सीएम ने तालियां बजाकर उत्साहवर्धन किया।
प्रमुख आकर्षण
नि:शुल्क खान-पान: कृषि विभाग की ओर से मोटे अनाज से बने हलवे, लड्डू और खिचड़ी का वितरण किया गया। प्रेस क्लब उज्जैन द्वारा दूध जलेबी का लुत्फ लोगों को मुफ्त में दिया गया।
विकास की डॉक्यूमेंट्री: कार्यक्रम में उज्जैन के विकास पर केंद्रित एक शॉर्ट फिल्म भी दिखाई गई, जिसे मुख्यमंत्री ने सराहा।
सफाई और पर्यावरण: जहां एक ओर जश्न चल रहा था, वहीं नगर निगम की टीम लगातार सफाई व्यवस्था में जुटी रही। प्रकृति से जोडऩे के लिए पौधों का स्टॉल भी लगाया गया।



