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सोम डिस्टिलरीज के लाइसेंस सस्पेंड, आबकारी आयुक्त की बड़ी कार्रवाई

भोपाल। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में संचालित शराब की बड़ी इकाई सोम डिस्टिलरीज पर प्रशासन का बड़ा डंडा चला है। आबकारी आयुक्त ने बुधवार को कड़ा फैसला लेते हुए सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज लिमिटेड और मेसर्स सोम डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड सेहतगंज के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिए हैं। यह कार्रवाई फर्जी परमिट के जरिए अवैध शराब परिवहन के मामले में कोर्ट के फैसले के बाद की गई है।
यह मामला फर्जी परमिट बनाकर शराब को दूसरे राज्यों (दीव) भेजने से जुड़ा है। इंदौर की देपालपुर कोर्ट ने इस मामले में कंपनी के संचालकों और कर्मचारियों को दोषी पाते हुए सजा और अर्थदंड सुनाया था। हालांकि आरोपियों ने हाई कोर्ट से सजा पर रोक ले ली थी, लेकिन आबकारी आयुक्त ने स्पष्ट किया कि कोर्ट ने सजा पर रोक लगाई है, दोषसिद्धि पर नहीं। यानी वे अभी भी कानून की नजर में दोषी हैं।
जांच में खुले फर्जीवाड़े के राज
आदेश के अनुसार जांच में यह पाया गया कि कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलकर बड़ी संख्या में फर्जी परमिट तैयार किए थे।
नकली खेल: आरोपियों ने सैकड़ों की संख्या में फर्जी परमिट बुक तैयार कीं और शराब को खुर्द-बुर्द किया।
अधिकारियों पर गाज: इस मामले में संलिप्त आबकारी उपनिरीक्षक प्रीति गायकवाड़ को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं रिटायर हो चुके अन्य तीन बड़े आबकारी अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय जांच जारी है।
कानूनी राय के बाद लिया फैसला
बताया जा रहा है कि आबकारी आयुक्त अभिजीत अग्रवाल ने इस मामले में महाधिवक्ता कार्यालय से कानूनी सलाह ली। सलाह में यह साफ हुआ कि आबकारी अधिनियम 1915 की धाराओं के तहत लाइसेंस निलंबित करना कानून सम्मत है और यह कोर्ट की अवमानना नहीं है। कंपनी को पहले ही कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिसका संतोषजनक जवाब न मिलने पर यह कदम उठाया गया।

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