इस विधि से भगवान गणेश को करें निमंत्रित, सभी विघ्र होंगे दूर…

सीहोर। इस वर्ष गणेश चतुर्थी का पावन पर्व बुधवार 27 अगस्त को मनाया जाएगा, जो कि एक विशेष शुभ योग है। बालाजी ज्योतिष अनुसंधान केंद्र के ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ गणेश शर्मा ने इस अवसर पर गणपति स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त और विधि.विधान की जानकारी दी है।
पंडित शर्मा के अनुसार गणेश जी का जन्म मध्याह्न काल में हुआ था, इसलिए गणेश चतुर्थी का उत्सव भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को मनाया जाता है। इस बार चतुर्थी तिथि 26 अगस्त को दोपहर 01.54 बजे से शुरू होकर 27 अगस्त को दोपहर 3.44 बजे समाप्त होगी।

स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त
– अमृत मुहूर्त: सुबह 7.33 बजे से 9.09 बजे तक।
– शुभ मुहूर्त: सुबह 10.46 बजे से दोपहर 12.22 बजे तक।
– शाम की पूजा: शाम 6.48 बजे से 7.55 बजे तक।
गणपति का मंगल प्रवेश
पंडित शर्मा ने बताया कि गणपति स्थापना से पहले उनका घर में मंगल प्रवेश विधि-पूर्वक होना चाहिए। इसके लिए घर और मंदिर को सजाकर, कुमकुम से स्वस्तिक और हल्दी से चार बिंदियां बनाकर स्थान तैयार करें। मूर्ति लाने से पहले नए वस्त्र पहनें और पीतल या तांबे की थाली साथ ले जाएं। मूर्ति खरीदते समय ध्यान रखें कि गणेश जी बैठे हुए हों, उनके साथ वाहन चूहा और रिद्धि-सिद्धि हों और सूंड बाईं तरफ हो। मूर्ति का मोलभाव न करें, बल्कि उन्हें निमंत्रित करके दक्षिणा दें। घर के द्वार पर गणपति बप्पा की आरती उतारने के बाद ही उन्हें घर के अंदर ले जाकर स्थापित करें। मान्यता है कि इस विधि से किए गए मंगल प्रवेश से जीवन के सभी विघ्न दूर होते हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है। गणेश विसर्जन 6 सितंबर को शनिवार के दिन होगा।



