पॉलिटिकल तड़कामध्यप्रदेश

आखिर कौन सी पेनड्राइव साथ लेकर आए थे ‘शिवराज’…

सीहोर। जिला पंचायत सभागार में आयोजित (दिशा) जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति की बैठक उस समय हडक़ंप की स्थिति में आ गई, जब केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने माइनिंग विभाग की समीक्षा के दौरान नाराजगी दिखाई। अवैध उत्खनन के मुद्दे पर मंत्री श्री चौहान बेहद सख्त नजर आए और साथ लेकर आए पेनड्राइव का जिक्र करते हुए अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए।

जिले में नर्मदा नदी और अन्य क्षेत्रों में चल रहे अवैध उत्खनन और पनडुब्बियों के इस्तेमाल पर नाराजगी जाहिर करते हुए शिवराज सिंह ने कहा आपको पता है कि सीहोर जिले में किस तरह पनडुब्बियों से नर्मदा नदी का सीना चीरा जा रहा है। मैं अपने साथ एक पेनड्राइव लेकर आया हूं। अगर इसे यहां चला दिया तो सब हिल जाओगे। इसमें वो सब कुछ है जो आप छिपा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे नर्मदा जी का अस्तित्व खत्म होने नहीं देंगे।
गरीबों के लिए छलका दर्द, घर मत तोड़ों, पट्टा दो
प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा के दौरान मंत्री श्री चौहान भावुक दिखे। उन्होंने प्रशासन को दो टूक कहा कि धरती पर गरीबों का भी उतना ही हक है। उन्होंने कहा कि किसी भी गरीब का घर न उजाड़ा जाए। यदि गरीब के पास पट्टा नहीं है तो उसे अपात्र करने के बजाय पट्टा देने की कोशिश करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन का काम घर तोडऩा नहीं, घर देना होना चाहिए।
एलपीजी संकट और भीषण गर्मी की चुनौती
जिले में घरेलू गैस सिलेंडर की किल्लत और लंबी कतारों पर मंत्री ने देशवासियों को ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि सरकार हर संभव प्रयास कर रही है जनता घबराए नहीं। साथ ही आगामी भीषण गर्मी को देखते हुए जल संकट से निपटने के लिए बीबी रामजी योजना और अन्य जल परियोजनाओं पर मुस्तैद रहने के निर्देश दिए।
जनप्रतिनिधि और प्रशासन में तालमेल का अभाव
शिवराज सिंह ने अधिकारियों को नसीहत दी कि वे बंद कमरों में योजनाएं न चलाएं। उन्होंने कहा कि जब तक जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच तालमेल नहीं होगा, तब तक योजनाओं की जमीनी हकीकत का पता नहीं चलेगा।

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