‘दिशा’ बैठक में कृषि मंत्री शिवराज का चैलेंज…

सीहोर। जिला पंचायत सभागार में आयोजित जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति दिशा की बैठक शनिवार को भारी गहमागहमी और तनाव के बीच संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता कर रहे केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान उस समय बुरी तरह बिफर पड़े जब आदिवासियों के निवास और नर्मदा में अवैध उत्खनन के मुद्दे सामने आए। श्री चौहान ने अफसरों को दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि आदिवासियों और पर्यावरण के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आदिवासियों के निवास स्थल और उन्हें हटाए जाने की शिकायतों पर केंद्रीय मंत्री भावुक और आक्रामक नजर आए। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा आदिवासियों में मेरे प्राण बसते हैं। जब तक मैं यहां हूं, उन्हें उनके निवास स्थल से कोई बेदखल नहीं कर सकता। वे परेशान नहीं होने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आदिवासियों के हक और उनकी जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
नर्मदा का अस्तित्व बचाने के लिए कड़े निर्देश
नर्मदा नदी को जीवनदायिनी बताते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अवैध माइनिंग और पनडुब्बियों के इस्तेमाल से पर्यावरण को जो क्षति हो रही है, वह अक्षम्य है। उन्होंने तत्काल प्रभाव से पनडुब्बियों को जब्त करने और माफियाओं के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने दो-टूक कहा कि विकास कार्यों में वे पूरा सहयोग करेंगे, लेकिन भ्रष्टाचार और गरीबों के हक पर डाका डालने वाले अफसरों को बख्शा नहीं जाएगा।



