सीएम ने कलेक्टरों को दिया फील्ड कमांडर का मंत्र

भोपाल. मध्य प्रदेश में विकास की नई इबारत लिखने के लिए डिजिटल कुंडली तैयार की जा रही है. भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनगणना.2027 के महा.प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया. सीएम ने साफ कर दिया है कि जनगणना केवल सिर गिनने का काम नहीं, बल्कि संसाधनों के न्यायपूर्ण वितरण का आधार है. अब प्रदेश के कलेक्टर फील्ड कमांडर की भूमिका में 1 मई से मकानों की डिजिटल गणना शुरू करेंगे.
बता दें राजधानी भोपाल में आज सजी एक ऐसी डिजिटल पाठशाला, जहां प्रदेश के तमाम जिलों के मुखिया यानी कलेक्टरों को मास्टर ट्रेनिंग दी गई. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आगाज करते हुए जनगणना के महत्व को देश की सबसे बड़ी डेटा प्रक्रिया बताया.
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में जोर देते हुए कहा कि जनगणना के सटीक आंकड़ों के आधार पर ही सरकार की भविष्य की योजनाएं तय होती हैं. संसाधनों का वितरण समाज के अंतिम व्यक्ति तक तभी पहुंचेगा, जब प्रदेश के हर मकान और परिवार की डिजिटल कुंडली सटीक होगी.
आगामी 1 मई से शुरू होने वाले इस महा अभियान में कागजों की जगह मोबाइल स्क्रीन और डिजिटल टूल्स लेंगे. रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया की टीम ने अधिकारियों को सिखाया कि कैसे तकनीक के जरिए डेटा को मॉनिटर करना है.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि प्रशासन की सक्रियता ही मध्य प्रदेश को डिजिटल जनगणना में अग्रणी बनाएगी. 1 मई से शुरू होने वाली यह डिजिटल मॉनिटरिंग सरकारी योजनाओं की नई दिशा तय करेगी.



