भाजपा की आजीवन सहयोग निधि अब पूरी तरह डिजिटल, नगद चंदा बंद, सीधे प्रदेश के खाते में जमा होगी राशि

सीहोर। मध्य प्रदेश भाजपा ने अपनी आजीवन सहयोग निधि जुटाने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। वर्ष 2026 से पार्टी अब नगद या चेक के विकल्पों के बजाय केवल चेक, आरटीजीएस और एनईएफटी के जरिए ही ऑनलाइन चंदा स्वीकार करेगी। रविवार को हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जमवाल ने सभी जिलों को इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए हैं।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि के अवसर पर शुरू होने वाला यह कलेक्शन अभियान 11 फरवरी से 15 मार्च तक चलेगा। केंद्रीय संगठन के निर्देशानुसार अब पूरे देश में चंदा कलेक्शन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जा रहा है। मध्य प्रदेश में कुशाभाऊ ठाकरे के समय से चली आ रही इस परंपरा को बनाए रखने के लिए केंद्र ने सशर्त अनुमति दी है, जिसमें नगद लेनदेन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
सीधे प्रदेश के खाते में जाएगा पैसा
नई व्यवस्था के तहत अब जिले में पार्टी का कोई बैंक खाता नहीं होगा। एकत्रित की गई राशि सीधे प्रदेश स्तर के बैंक खाते में जमा होगी, जहां से बाद में जिलों को उनका हिस्सा भेजा जाएगा। नए नियम के मुताबिक 20 हजार रुपए या उससे अधिक की राशि के लिए पैन नंबर अनिवार्य होगा। चेक से चंदा देने वालों का नाम, पता और चेक बुक नंबर का पूरा रिकॉर्ड पार्टी को देना होगा।
जिले को मिला दो गुना टारगेट
प्रदेश संगठन ने प्रदेश सहित सीहोर जिले को वार्षिक खर्च की तुलना में दो गुना राशि जुटाने का लक्ष्य दिया है। पार्टी के नियम के अनुसार कुल राशि का 50 प्रतिशत प्रदेश संगठन के पास रहता है और शेष 50 प्रतिशत जिलों के संचालन के लिए वापस भेजा जाता है।



