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कैबिनेट के बड़े फैसले: सरदार सरोवर विस्थापितों के मकानों की रजिस्ट्री अब मुफ्त, संबल और कामधेनु योजनाएं रहेंगी जारी

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सरकार ने सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों को बड़ा तोहफा देते हुए उनके आवासीय भूखंडों का पंजीयन नि:शुल्क करने का फैसला किया है। इसके साथ ही प्रदेश की 10 बड़ी योजनाओं को अगले 5 सालों तक जारी रखने के लिए 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि मंजूर की गई है।
बता दें नर्मदा घाटी की सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों के लिए सरकार ने तिजोरी खोल दी है। अब विस्थापितों को आवंटित प्लॉटों की रजिस्ट्री के लिए कोई शुल्क या स्टाम्प ड्यूटी नहीं देनी होगी। इसका पूरा खर्च नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण उठाएगा। इस फैसले से करीब 25,600 परिवारों को लाभ मिलेगा और सरकारी खजाने पर 600 करोड़ रुपये का भार आएगा।
सिंचाई परियोजनाओं के लिए 620 करोड़ मंजूर
मैहर और कटनी जिले के किसानों के लिए भी अच्छी खबर है। कैबिनेट ने दो बड़ी सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी है।
धनवाही सूक्ष्म सिंचाई परियोजना: 53.73 करोड़ की इस योजना से मैहर और कटनी के 2810 किसान लाभान्वित होंगे।
बरही उद्वहन सिंचाई परियोजना: 566.92 करोड़ की इस योजना से कटनी के 27 गांवों की 20 हजार हेक्टेयर जमीन सिंचित होगी।
संबल और कामधेनु समेत 10 योजनाएं रहेंगी जारी
सरकार ने विभिन्न विभागों की 10 प्रमुख योजनाओं को साल 2030.31 तक निरंतर जारी रखने की स्वीकृति दी है। इसमें संबल 2.0 योजना के लिए 5000 करोड़, विधायक निधि के लिए 3,376 करोड़ और डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना व अन्य पशुपालन योजनाओं के लिए 6,472 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। साथ ही घरेलू हिंसा से पीडि़त महिलाओं और अल्पसंख्यक स्वरोजगार योजनाओं को भी आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
समाज कल्याण बोर्ड होगा भंग
प्रशासनिक सुधार की दिशा में कदम उठाते हुए कैबिनेट ने मध्य प्रदेश राज्य समाज कल्याण बोर्ड को भंग करने का निर्णय लिया है। इसके मौजूदा कर्मचारियों को अब महिला एवं बाल विकास विभाग में संविलियन किया जाएगा।

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