भोपाल की सडक़ों पर उतरेगी ‘मशाल’, यूजीसी के खिलाफ करणी सेना का हल्ला बोल, राजभवन तक गूजेंगी आवाज

भोपाल। राजधानी भोपाल एक बार फिर बड़े आंदोलन की गवाह बनने जा रही है। यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन यानी यूजीसी के हालिया फैसलों के खिलाफ क्षत्रिय करणी सेना ने मोर्चा खोल दिया है। आगामी 8 फरवरी को भोपाल की सडक़ें मशालों की रोशनी और इंकलाबी नारों से दहकने वाली हैं।
बता दें मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 8 फरवरी की शाम एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन होने जा रहा है। क्षत्रिय करणी सेना ने यूजीसी के फैसलों के विरोध में मशाल जुलूसश् निकालने का ऐलान किया है। यह आंदोलन केवल एक संगठन का नहींए बल्कि इसमें सवर्ण समाज के अन्य संगठनों के शामिल होने की भी बात कही जा रही है।
क्षत्रिय करणी सेना के प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष आशु सिंह के मुताबिक यूजीसी से जुड़े हालिया निर्णयों ने समाज के बड़े वर्ग में असंतोष पैदा कर दिया है। इसी नाराजगी को दर्ज कराने के लिए 8 फरवरी की शाम 6 बजे भारत माता चौराहा से यह मशाल जुलूस शुरू होगा, जो सीधे राजभवन तक जाकर थमेगा।
इस बड़े प्रदर्शन का नेतृत्व करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष इंदल सिंह राणा और प्रदेश महिला अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान करेंगी। करणी सेना का दावा है कि इस जुलूस में हजारों की संख्या में करणी सैनिक और सवर्ण समाज के नागरिक जुटेंगे। प्रदर्शनकारी राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों और विरोध से अवगत कराएंगे।
आशु सिंह प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष ने बताया कि यूजीसी के निर्णय समाज विरोधी हैं, जिन्हें बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम लोकतांत्रिक तरीके से मशाल जुलूस निकालकर अपना विरोध दर्ज करेंगे और महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेंगे।
हालांकि करणी सेना ने इस प्रदर्शन को पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक रखने का दावा किया है, लेकिन हजारों की भीड़ और मशालों के साथ होने वाले इस कूच ने प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी हैं। अब देखना होगा कि 8 फरवरी को भोपाल की सडक़ों पर जुटने वाला यह हुजूम यूजीसी के निर्णयों पर क्या असर डालता है।



