सुबह होते ही भोजशाला में शुरू हुई पूजा, दोप. 1 से 3 होगी नमाज

भोपाल। ऐतिहासिक और विवादित भोजशाला में आज बसंत पंचमी के अवसर पर आस्था और सुरक्षा का कड़ा पहरा दिखाई दे रहा है। इस बार बसंत पंचमी और शुक्रवार का संयोग होने के कारण प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। जहां सूर्योदय के साथ ही हिंदू पक्ष ने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना शुरू कर दी, वहीं दोपहर में जुमे की नमाज के लिए भी समय और स्थान निर्धारित किया गया है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे धार शहर और विशेषकर भोजशाला परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। यहां 8000 से ज्यादा जवान तैनात किए गए हैं, जिनमें स्थानीय पुलिस के अलावा सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स की टुकडिय़ां शामिल हैं। सुरक्षा व्यवस्था इतनी चाक-चौबंद है कि जमीन पर जवानों की मुस्तैदी के साथ-साथ आसमान से ड्रोन और एआई कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट का समय निर्धारण
गुरुवार को हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय बेंच जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली ने व्यवस्था को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए थे। कोर्ट के आदेशानुसार सुबह से दोपहर 1 बजे तक हिंदू पक्ष को पूजा की अनुमति। दोपहर 1 से 3 बजे तक परिसर खाली रहेगाए जहां मुस्लिम पक्ष नमाज अदा करेगा। दोपहर 3 बजे से सूर्यास्त तक पुन: हिंदू पक्ष पूजा कर सकेगा।
विशेष पास से ही प्रवेश
प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए श्रद्धालुओं और नमाजियों के लिए विशेष पास व्यवस्था लागू की है। दोनों पक्षों के आने-जाने के रास्ते अलग तय किए गए हैं। जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं ताकि कोर्ट के आदेशों का पालन सुनिश्चित किया जा सके और आस्था व कानून का संतुलन बना रहे। फिलहाल पूजा शांतिपूर्ण ढंग से जारी है, लेकिन दोपहर 1 बजे परिसर खाली करवाना प्रशासन के लिए असली चुनौती होगी।



